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RBI के नए नियम: अब चेक क्लियरेंस सिर्फ घंटों में – जानिए फायदे और सावधानियाँ"

  RBI के नए नियम: अब चेक क्लियरेंस सिर्फ घंटों में – जानिए फायदे और सावधानियाँ" परिचय बैंकिंग की दुनिया में अब बदलाव की राह दिखने लगी है। भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) ने हाल ही में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है, जिससे चेक क्लियर होने का समय अब केवल दो दिनों तक सीमित नहीं रहेगा। यदि आप चेक उपयोग करते हैं, तो यह सूचना आपके लिए बेहद जरूरी है। RTC (Continuous Clearing)… एक क्रांतिकारी सेवा नया सिस्टम क्या है? RBI ने फेज़-1 में 4 अक्टूबर 2025 से और फेज़-2 में 3 जनवरी 2026 से, “Continuous Clearing and Settlement on Realisation” नामक सिस्टम लागू करने का निर्णय लिया है। इस बदलाव से अब चेक क्लियर करने का समय घटकर घंटों में हो जाएगा—जिसकी शुरुआत सिर्फ दो कार्य दिवस तक के समय से होती है । फेज़-1: क्या होगा? चेक 10 AM से 4 PM के बीच बैंक को जमा करवाने पर तुरंत स्कैन करके क्लियरिंग हाउस को भेजा जाएगा। भुगतान बैंक को 7 PM तक चेक के सम्मान (honour) या अस्वीकृति (dishonour) की जानकारी देनी होगी। यदि उत्तर नहीं मिलता, तो चेक स्वतः ही स्वीकृति मान लिया जाएगा और क्लियर हो जाएगा । फेज़-2: T+3 घंटे का आश...

पूर्वोत्तर भारत में युवाओं के लिए नई अप्रेंटिसशिप योजना: कौशल विकास और रोजगार की ओर बड़ा कदम



भारत सरकार ने पूर्वोत्तर क्षेत्र में कौशल विकास को बढ़ावा देने और युवाओं को बेहतर रोजगार अवसर प्रदान करने के लिए एक नई अप्रेंटिसशिप प्रशिक्षण पायलट योजना शुरू की है। यह पहल "स्किल इंडिया" और "आत्मनिर्भर भारत" जैसे प्रमुख अभियानों को सशक्त बनाते हुए, युवाओं को व्यावहारिक और उद्योग आधारित प्रशिक्षण प्रदान करने पर केंद्रित है।


योजना का उद्देश्य:

इस कार्यक्रम का मकसद पूर्वोत्तर राज्यों—जैसे असम, मेघालय, मणिपुर, नागालैंड, अरुणा


चल प्रदेश आदि—के युवाओं को स्थानीय उद्योगों के साथ जोड़कर ऑन-द-जॉब ट्रेनिंग देना है। इससे वे न केवल तकनीकी कौशल सीख सकेंगे, बल्कि उनकी नौकरी की संभावनाएं भी बेहतर होंगी।


प्रमुख क्षेत्र और फोकस:

सरकार का ध्यान विशेष रूप से उन क्षेत्रों पर है जहाँ रोजगार की अधिक संभावनाएं हैं—जैसे स्वास्थ्य सेवा, कृषि, पर्यटन, विनिर्माण, और सूचना प्रौद्योगिकी। योजना के अंतर्गत, नियोक्ताओं को प्रशिक्षुओं को रखने के लिए वित्तीय सहायता भी प्रदान की जाएगी, जिससे निजी क्षेत्र की भागीदारी बढ़ेगी।

स्थानीय विकास और युवाओं को लाभ:

यह योजना पूर्वोत्तर भारत के युवाओं को अपने ही क्षेत्र में रोजगार पाने में सक्षम बनाएगी, जिससे बड़े शहरों की ओर पलायन में भी कमी आएगी। इससे स्थानीय अर्थव्यवस्था मजबूत होगी और युवाओं में आत्मनिर्भरता की भावना विकसित होगी।

निष्कर्ष:

यदि यह पायलट प्रोग्राम सफल होता है, तो इसे देशभर में विस्तारित किया जा सकता है। यह न केवल एक नीति पहल है, बल्कि युवाओं के भविष्य को संवारने की दिशा में एक मजबूत कदम है।

"कमलेश तिवारी जौनपुरी"

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